अंतरिक्ष मे भी भारत होगा आत्मनिर्भर, स्वदेशी रॉकेट इंजन ‘रमन’ का हुआ सफल परीक्षण- स्काईरूट

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आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम, 3D प्रिंटिंग तकनीक से बनाया गया है। भारतीय स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट ने कई चरण वाला आधुनिक रॉकेट इंजन ‘रमन’ (रमण) का किया सफल परीक्षण।

तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में निजी कंपनियों को बढ़ावा मिलने से इन कंपनियों के द्वारा विश्वस्तरीय उत्पादों का विकाश संभव हुआ है, इसी क्रम में एक स्वदेशी स्टार्टअप स्काईरूट एरोस्पेस लिमिटेड ने एक मल्टी-स्टेज रॉकेट इंजन को विकसित करने में सफलता प्राप्त की है।
साथ ही कंपनी ने 13 अगस्त बृहस्पतिवार को इस इंजन का एक सफल परीक्षण किया है।

स्काईरुट एरोस्पेस के सीईओ और सहसंस्थापक पवन कुमार चंदना ने बताया कि कंपनी ने इस इंजन का नाम पूर्व भौतिक विज्ञानी और नोबल पुरस्कार विजेता सी.वी. रमन(चन्द्रशेखर वेंकटरमन) जी के नाम पर ‘रमन’ रखा गया है। रमन एक 3D प्रिंटेड रॉकेट इंजन है । यह इंजन परम्परागत रॉकेट इंजन की तुलना में 50 फीसदी तक हल्का है तथा इसमे कम पुर्जों का इस्तेमाल किया गया है इससे लीड टाइम 75 से 80 फीसदी तक बढ़ जाता है साथ ही वजन में हल्का होने से अपने साथ ज्यादा फ़्यूल और वजन ले जाने में सक्षम है।

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उन्होंने जानकारी दी कि 3D तकनीक से बने होने के कारण इसमे गलती की संभावना कम रहती है और लागत के साथ बनाने में लगने वाला समय भी बचता है। यह इंजन एक मल्टी-स्टेज का इंजन है जिससे यह एक ही मिशन में कई बार बंद और फिर से चालू किया जा सकता है इससे अंतरिक्ष मे एक साथ कई उपग्रहों को स्थापित किया जा सकता है ।

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पवन कुमार चंदना ने कंपनी के भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि कंपनी अपना पहला रॉकेट 2021 के दिसम्बर तक लांच करने की योजना पर काम कर रही है । इस रॉकेट के नाम का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि इसका नाम ‘विक्रम-1’ रखा गया है । इसकी सहायता से कई उपग्रहों को अंतरिक्ष मे एक बार मे स्थापित किया जाएगा । रॉकेट लांच के लिए कंपनी अभी फण्ड जुटाने पर काम कर रही है 2021 तक कंपनी 90 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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